
सिकलीगर परिवारों को मिलेंगे पक्के मकान
भूपेश चट्ठा, पटियाला : समीपवर्ती कस्बे बहादुरगढ़ में लंबे समय से गरीबी से जूझ रहे सिकलीगर परिवारों को अब पक्के मकान मिलेंगे। बापू जंग सिंह के सात परिवारों को पहले चरण में पक्के मकान बनवा कर दिए जा रहे हैं। सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट ने इन परिवारों के कच्चे मकानों को ढहा कर पक्के मकान बनवाने का काम आज शुरू करवा दिया है। याद रहे कि सिकलीगर परिवारों की गरीबी का मामला पहले भी दैनिक जागरण ने उठाया था। इसके बाद समाज सेवी संगठन गुरु नानक मोदी खाने ने इन परिवारों के लए मासिक राशन का प्रबंध कर दिया था। बीते साल फरवरी महीने से इन परिवारों को राशन देते आ रहे अंतरराष्ट्रीय भाऊ भाईचारे के प्रधान व मोदी खाने के कर्ताधर्ता बलविंदर सिंह सैफदीपुर की अपील पर अब सरबत दा भला चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन व दुबई के जाने माने होटल व्यवसायी एसपी ओबेराय से इन लोगो की मदद करने की अपील की गई। इसके चलते अब इन लोगों को पक्के घर नसीब होंगे। बहादुरगढ़ में बलविंदर सिंह सैफदीपुर ने आजादी के बाद से पिछले 65 सालों से कच्चे मकानों में रहते आ रहे इन लोगों के मकानों का निर्माण अपनी देखरेख में शुरू करवा दिया है। हालांकि वे कहते हैं कि उन्होंने हाल ही में गुरु नानक मोदीखाना की ओर से कंबल बांटे जाने के एक कार्यक्रम के दौरान एसपी ओबेराय से इन परिवारों के लिए कुछ करने की अपील की थी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया और उन्होंने ने ही ये काम शुरू करवाया है। सैफदीपुर बताते हैं कि आर्कीटेक्ट से नक्शा तैयार करवा लिया है, आज कच्चे मकान गिराने का काम शुरू किया गया है। दो दिनों में जमीन बराबर कर दी जाएगी। इसके साथ ही मकानों के निर्माण का काम शुरू हो जाएगा। वे कहते हैं कि श्री गुरु महाराज की कृपा से श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के जन्म दिवस पर काम शुरू हुआ है और बैसाखी तक खत्म भी हो जाएगा। खालसा पंथ के जन्म दिवस पर इन परिवारों को पक्के मकान नसीब हो जाएंगे। मोदी खाने के मुख्य सेवादार सैफदीपुर कहते हैं कि उनकी प्रार्थना ओबेराय साहिब ने स्वीकार कर ली है। अब और लोगों से भी अपील है कि गरीब परिवारों की मदद को आगे आएं। वहीं बापू जंग सिंह ने बताया कि आज अखबारों में छपी खबर रंग लाई है और वे बाबा बलविंदर सिंह सैफदीपुर और एसपी ओबेराय की देन नहीं दे सकते जिन्होंने सात परिवारों के 28 लोगों को सुविधाएं देकर गरीबी से बाहर निकाला है। अब बारिश व सर्दी, धूप से उनकी भी छत बची रहेगी।
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