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फैसला 21 को 16 पंजाबियों की रिहाई पर

सोबन गुसांई | Oct 07, 2012, 06:17AM IST
 आर्टिकल
 

पटियाला। पाकिस्तानी नागरिक मिश्री खान की हत्या के मामले में दुबई में फांसी की सजा का सामना कर रहे 16 पंजाबियों और एक हरियाणा के नागरिक सहित 17 भारतीय युवकों का फैसला 21 अक्टूबर को होगा। यह खुलासा केन्द्रीय विदेश राज्य मंत्री सांसद परनीत कौर तथा दुबई में सरबत दा भला एनजीओ के प्रधान प्रवासी भारतीय एसपी ओबराय ने किया है। 
 
पंजाब एवं हरियाणा से फांसी की सजा पाए 17 युवकों के परिजन शनिवार को सांसद परनीत कौर से मिलने मोती बाग पैलेस पटियाला पहुंचे।  17 भारतीय युवकों की रिहाई के लिए दुबई काउंसिल जनरल का सहयोग कर रहे एसपी सिंह ओबराय ने स्पष्ट किया है कि मृतक के परिजनों को ब्लड मनी के तौर पर साढ़े आठ करोड़ रुपए दे दिए गए हैं। मिश्री खान के भाई का इस केस से कोई ताल्लुक नहीं है। मिश्री खान का भाई पांच लाख रुपए की डिमांड कर रहा है, जिसका शेयर उसे अपने परिवार वालों से लेना चाहिए।  
 
उन्होंने कहा कि 21 अक्टूबर को मुश्ताक अहमद के संबंध में कोर्ट ने सुनवाई करनी है, जोकि इस मामले में जख्मी हो गया था। यदि अदालत मुश्ताक अहमद को मुआवजा के रूप में दी जाने वाली राशि लिमिट वाली होगी तो ठीक है, यदि मुआवजा राशि अधिक हुई तो वह मसले को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे। युवकों की रिहाई की उम्मीद पूरी तरह से बरकरार है। केन्द्र सरकार की ओर से सभी 17 युवकों के टिकट व पासपोर्ट तैयार रखे गए हैं।  
 
क्रिमिनल केस खत्म, सिविल केस बाकी  
 
एसपी ओबराय ने बताया कि ब्लड मनी देने के बाद सभी युवकों के खिलाफ चल रहा क्रिमिनल केस खत्म हो गया है। युवकों पर अब केवल मुश्ताक अहमद के घायल होने के कारण सिविल केस चल रहा है, जिसकी सुनवाई आगामी 21 अक्टूबर को होनी है। उम्मीद है कि यह फैसला युवकों के हक में होगा और युवक सही सलामत अपने घर पहुंच पाएंगे। 
 
परनीत, ओबराय और केंद्र का आभार जताया  
 
मोतीमहल पहुंचे मोगा के रहने वाले कुलदीप सिंह के पिता सूबा सिंह ने सांसद परनीत कौर, एसपी ओबराय तथा केन्द्र सरकार का धन्यवाद किया है। उनके कारण ही वह अपने बेटे कुलदीप को दोबारा देख पाएगा। इसी तरह फिरोजपुर की रहने वाली रंजीत कौर ने बताया कि उसका पति धर्मपाल सिंह चार साल से दुबई में है। उसे खुशी है कि सही सलामत उसका पति उसके पास आ जाएगा।